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सोच को लोगों तक पहुंचाना जरूरी:शर्मा

कोलकाता,नि.सं l प्रसिद्ध लेखिका पद्मिनी दत्ता शर्मा का कहना है कि किताबें लिखने के साथ-साथ अपनी सोच को लोगों तक पहुंचाने के लिए ही उन्होंने अब तक तीन बांग्ला शॉर्ट फिल्मों का निर्देशन किया है. उनकी पहली शॉर्ट फिल्म 'नो मोर टीयर्स..राइज ऐंड फाइट' एक लड़की की कहानी बयां करती है. जिसकी शादी महज़ 16 साल की उम्र में ही कर दी जाती है और फ़िल्म की कहानी आगे बढ़ती है. उनकी दूसरी शॉर्ट फिल्म 'भ्रस्टा-द स्टोलेन चाइल्डवुड' जो आपको एक ऐसी मां से परिचय करवाएगी जो अपने अधूरे सपनों की खातिर अपनी लडक़ी से जबरन काम निकलवाती हैं. उनकी तीसरी फिल्म 'बुमेरांग' भी एक सामाजिक संदेश देती है.

बताते चले कि लेखिका की हालिया प्रकाशित नॉवेल 'लेज़ीटिमेटली इल्लेजिटिमेट' आजकल काफी चर्चे में है.

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