No icon

एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में छोड़ना चाहते हैं अपनी छाप

-कर रहें हैं दो लघु फिल्मों का निर्माण

कोलकाता, (नि.स) l कोरोना वायरस की वजह से टॉलीवुड फ़िल्म इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हुआ है. इस वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते थिएटर बंद कर दिए गए थे, शूटिंग्स रोक दी गई थी, बड़ी फिल्मों की रिलीज को आगे बढ़ा दिया गया था. अब स्थिती कुछ सामान्य है धीरे-धीरे फिल्में रिलीज हो रही है. हाल ही में तमिलनाडु के बाद अब पश्चिम बंगाल सरकार ने 100 प्रतिशत क्षमता के साथ थिएटर्स खोलने की इजाजत दे दी है. 

इसी बीच निर्देशक व लेखक सुरंजन दे अपनी दो लघु बांग्ला फिल्मों 'अनलकी शर्ट और फांद' का निर्माण शुरू कर दिया है. सुरंजन का एक ही लक्ष्य है, उनकी दोनों फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में जगह मिल जाए. पहले भी उनकी एक शॉर्ट फिल्म 'भालोबासार चुपकथा' को कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में दिखाया जा चुका है. 

सुरंजन की मौजूदा फिल्मों की बात करें तो उसमें से पहली है, 'अनलकी शर्ट' जिसकी शूटिंग उन्होंने हाल ही में पूरी की है. यह फ़िल्म लॉकडाउन की वजह से हुई आर्थिक मंदी और डिप्रेशन को दर्शाएगी. लेकिन फ़िल्म का अंत काफी दुःखद है. आईआईटी खड़गपुर, विक्टोरिया, मैदान, बाबुघाट जैसी बेहतरीन लोकेशन्स में इसको फिल्माया गया है. इस फ़िल्म में सुपर्णा कुमार और रिद्धिबान मुख्य भूमिका में हैं. वहीं डॉ. भानुभूषन खाटुआ, आशीष घोष, कंक घोष दस्तीदार, तुहिन शंकर पाल, आनंद सिंह, निलीमेश घोष दस्तीदार और स्वयं निर्दर्शक को अन्य भूमिका में देखा जाएगा.

फ़िल्म की कहानी, पटकथा और संवाद प्रदीप आचार्या ने लिखा है. फ़िल्म की डीओपी और एडिटिंग सैपलिंग चक्रवर्ती सम्भाल रहे हैं. बैक ग्राउंड म्यूजिक शुभब्रत बंद्योपाध्याय दे रहे हैं. फ़िल्म के सहायक निर्देशक सायन घटक बंद्योपाध्याय हैं. फ़िल्म में एक रवींद्रसंगीत रखा गया है जिसके लिए सुपर्णा कुमार अपनी आवाज़ दे रही हैं.

मालूम हो कि सुरंजन फ़िल्म निर्देशन में आने से पहले ग्रुप थिएटर, शॉर्ट फिल्म्स और ऐड फिल्मों में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं.

वहीं सुरंजन की दूसरी बांग्ला शॉर्ट फ़िल्म 'फांद' तीन पीढ़ियों की कहानी बयां करेगी. लेकिन फ़िल्म मौजूदा पीढ़ी की एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमेगी. इस लड़की की ऊंची ख्वाहिशें हैं. वह अपनी ज़िंदगी में स्थायी सफलता पाने की होड़ में किसी एक उलझन में फंस जाती है. फ़िल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों को सोचने के लिए मजबूर कर देगी. अंधकारेर अबयब कहानी पर आधारित फ़िल्म की कहानी विप्लव मजूमदार ने लिखी है. वहीं पटकथा और संवाद इंद्राणी मुखोपाध्याय और  सायन कुमार घटक ने लिखा है.

इस फ़िल्म में सुपर्णा कुमार, इन्द्ररूप भट्टाचार्या और विप्लव मजूमदार मुख्य भूमिका में हैं. डीओपी और एडिटिंग का दायित्व सैपलिंग चक्रवर्ती के कंधों पर है. शुभब्रत बंद्योपाध्याय बैकग्राउंड म्यूजिक पर काम करेंगे. सहायक निर्देशक की बागडोर सायन घटक मुखोपाध्याय संभाल रहे हैं. फ़िल्म की शूटिंग जारी है. शूटिंग लोकेशन्स उपरोक्त फ़िल्म से मिलती-जुलती है.

सुरंजन, आपकी दोनों फिल्मों की कहानी ज़बरदस्त है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में जगह बना पाएगी कि नहीं ये तो वक़्त ही बताएगा.

Comment