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अपनी ख्वाहिशों को पूरी करने में उसको लग गए 14 साल

कोलकाता, नि.स l जुनून और जज़्बा हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है. उपरोक्त कहावत को बीरभूम जिला स्थित सिउड़ी की रहनेवाली अर्पिता बोस ने एक बार फिर से सच कर दिखाया. बचपन से ही ग्लैमर जगत उनको अपनी ओर खींचता था. लेकिन उनके माता-पिता की इच्छा थी कि उनकी बेटी शिक्षा जगत में अपने आप को प्रतिष्ठित करें. अर्पिता ने उनकी बात का मान रखा और रसायन विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की. लेकिन काफी कम उम्र में ही उनकी शादी(2004) करा दी गई. हालांकि शादी से पहले वे पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में बतौर केमिस्ट की नौकरी किया करती थीं. लेकिन अपनी मनचाहा जगह ट्रांसफर नहीं मिलने की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपने पति के साथ महानगर आ गईं. इस वक़्त अगर वो चाहती तो अपना शौक पूरी कर सकती थीं. लेकिन उन्होंने अपने बारे में नहीं सोचा. शादी के तुरंत बाद उन्होंने एक पुत्री को जन्म दिया बावजूद उन्होंने कुछ करने का जुनून अपने में बचा रखा था. वे सरकारी नौकरी की तैयारी करने लगीं. फिर क्या था 2006 में उनको एक सरकारी स्कूल में असिस्टेंट टीचर की नौकरी मिल गई. नौकरी करने के दौरान वे कई तरह के जरूरतमंद बच्चों के लिए काम करने लगीं. उनको साथ लिए वो अपना दायरा बढ़ाने लगीं. इधर उनकी बेटी बड़ी हो रही थी और अर्पिता खुद अपने आप को समृद्ध करने में लगी हुई थीं. देखते ही देखते वो दिन आ ही गया जिसका वह ख्वाब देखा करती थीं. 2017 में उन्होंने एक अखबार में ब्यूटी पेजेंट मिसेस बंगाल का इस्तेहार देखा और देखते ही दरख्वास्त कर दिया. बस फिर क्या था उन्होंने 2018 में मिसेस बंगाल (सेकंड रनर-अप) का खिताब अपने नाम किया. इस इवेंट के ज़रिये उनको ये पता चला कि वे एक अच्छी वक्ता भी हैं और लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन सकती हैं. इसके बाद उन्होंने 2019 में मिस एशिया यूनिवर्स आइकॉनिक का खिताब जीता. धीरे-धीरे कई ब्यूटी पेजेंट करवाने वाली संस्थाओं ने उनको बतौर मोटिवेटर के तौर पर बुलाना शुरू कर दिया. आज वे कई फैशन शोज की ग्रुमिंग एक्सपर्ट ही नहीं बल्कि ज्यूरी मेंबर भी हैं. इस दौरान वे संवेदन, सपनो उड़ान जैसे कई एनजीओ के संस्पर्श में आईं और उनके साथ मिलकर बच्चों के विकास के लिए आज भी काम कर रही हैं.

हाल ही में अर्पिता से हुई एक खास मुलाक़ात के दौरान जब उनसे उनकी सक्सेस का राज पूछा गया, तो उन्होंने उसके जवाब में कहा, आत्मविश्वास एक इंसान का सबसे बड़ा हथियार होता है. हां, किसी भी चीज़ को हासिल करने के लिए उचित वक़्त का भी इंतज़ार करना पड़ता है.

आपको बता दें, बतौर मोटिवेटर अर्पिता अपनी एक खास दोस्त की जान बचाई थी. इसके लिए उनको कई पापड़ बेलने पड़े. इसके अलावा उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म 'नाई बा एलो फुल फोटानोर मास' में बतौर लीड रोल में काम किया है. 

उन्होंने आगे कहा, मुझे पेंटिंग करना और कविता पाठ करना बेहद पसन्द है. अवसर समय पर यही करती रहती हूं.

अर्पिता ने अपनी आनेवाली प्रोजेक्ट्स के बारे में बताते हुए कहा, फेस ऑफ बंगाल ब्यूटी पेजेंट के लिए मुझे ज्यूरी और ग्रूमर चुन लिया गया है. इसके अलावा पैन इंडिया ग्रुप की आनेवाली शो मिस ऐंड मिसेस इंडिया की मैं सेलिब्रिटी फेस भी हूं.

अर्पिता से सम्पर्क करने के लिए देखें -

www.arpitabose.com

अर्पिता, आप आसमान की बुलंदियों को छुएं हमारी यही कामना है.

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