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सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

किसी के पैदा होते ही भारतीय संगीत उसके दिल में जगह बना लेती है: महेंद्र जैन

कोलकाता,(नि.स.)l गत मंगलवार को महानगर स्थित आईसीसीआर में लायंस क्लब ऑफ कलकत्ता कल्चरल सिटी और नव-संध्या के संयुक्त तत्वावधान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. उक्त कार्यक्रम में बॉलीवुड म्यूजिक और डांस का ऐसा तड़का पेश किया गया कि वहां मौजूद सबके पैर थिरकने लगे.

मौके पर उपस्थित निहाल शाह, सभापति, लायंस क्लब ऑफ कलकत्ता कल्चरल सिटी ने कहा, पिछले साल कोरोनो महामारी की वजह से क्लब के सारे मेंबर्स कुछ कर नहीं पाए. तो हम सभी नए वर्ष में कुछ करने का सोच ही रहे थे, ऐसे में होली के शुभ अवसर पर सारे क्लब मेंबर्स की सहमति से आज हमने इस रंगारंग कार्यक्रम को अंजाम दिया.

आप एक प्रसिद्ध रफी सिंगर माने जाते हैं, तो आज आपसे क्या सुनने को मिलेंगे, पूछने पर निहाल ने कहा, 60 से लेकर 90 के दशक के बीच बनी गीतों को पेश करुंगा. जिसमें लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आरडी बर्मन जैसे लीजेंड के कम्पोज़िशन में बने शानदार गीत होंगे.

वहीं कार्यक्रम के दौरान श्रुति धर, अध्यक्ष, नव-संध्या, ने कहा, निहाल शाह एक बेहतरीन सिंगर हैं और वे इस कार्यक्रम के आयोजक भी हैं. उन्होंने शायद एक या दो बार इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया होगा. यह अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है. चूंकि मैं भी इवेंट करवाती हूं, सो मुझे इसके मायने पता है. और जहां तक नव-संध्या का सवाल है यह एक महिला संस्था है, जहां 300 से भी ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं. हम महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन देते रहते हैं. 

उन्होंने आगे कहा, आगामी 6 अप्रैल 2021 को सुंदरबन में रहनेवाले गरीब बच्चों के लिए हम  एक डांस कम्पटीशन का आयोजन करने जा रहे हैं. वहां हमारी संस्था द्वारा महिलाओं के लिए तैयार की गई सिलाई का सेंटर भी चलता है.

दूसरी तरफ महेंद्र जैन, पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर, लायंस क्लब्स इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 322B2, ने कहा, मुझे मेलोडी से भरपूर गीत बेहद पसंद हैं. चूंकि मैं खुद शो होस्ट भी करता हूं, मैंने ये देखा है कि आज के बच्चे, नवजवान सभी स्टेज पर नए गाने के बदले में 60 और 70 के दशक के गाने गाते हैं, जिसे प्रसिद्ध सिंगर्स मुकेश, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर, आशा भोंसले इत्यादि गाया करते थे. सो मुझे लगता है कि उन दिनों के गीतों में बड़ी कशिश हुआ करती थी.

उन्होंने आगे कहा, मुझे लगता है कि यहां किसी के पैदा होते ही  भारतीय संगीत उसके दिल में जगह बना लेती है.

इस अवसर पर अंशु कलानोरिया, अशोक कलानोरिया, अभिजीत गुप्ता, सर्दिन्दू टिकादार, हेमंत मारदा, अरुण जैन, शकील अंसारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे.

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