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19 सितम्बर से एंटरटेन बांग्ला में प्रसारित होगा रोज़ा

मेरी मां ही मेरे प्यार की परिभाषा है: पिया देबनाथ

कोलकाता, (नि.स)l रोजा और समुज्ज्वल दोनों एक ही यूनिवर्सिटी में पड़ते हैं और एक दूसरे के प्यार में हैं. लेकिन रोजा के घरवाले रोजा से बिना पूछे उसकी शादी अंकुश से तय कर देते हैं. रोजा को इस बात का पता चलते ही वह अपने प्यार के बारे में अंकुश को बता देती है. आगे चलकर अंकुश यह शादी तोड़ देता है. अब आगे क्या होता है इसके लिए आपको एंटरटेन बांग्ला चैनल में 19 सितंबर 2021 से शुरू होने जा रहे बांग्ला सीरियल रोज़ा देखना पड़ेगा. यह सीरियल सोमवार से रविवार हर रोज शाम 8.30 बजे प्रसारित होगा. इसकी कहानी लीना गंगोपाध्याय ने लिखी है और प्रबीर गांगुली इसका निर्देशन कर रहे हैं.

इस सीरियल में पिया देबनाथ और अर्णब चौधरी मुख्य भूमिका में हैं.

वहीं अन्य भूमिका में मालविका सेन, चंडीदास कुमार, राजश्री भौमिक, अर्घ्य मुखर्जी, मोनालिसा पाल, मिलन रॉय चौधरी, राहुल चक्रवर्ती, धीमान भट्टाचार्या, अनिंदिता दास, सुबान रॉय, पौलमी दास, रुना और निशान्तिका दास को अभिनय करते देखा जाएगा.

हाल ही में महानगर में सीरियल का प्रमोशन हुआ.

मौके पर सीरियल की नायिका पिया देबनाथ ने अपने चरित्र के बारे में बातचीत करते हुए कहा, इस सीरियल में मेरे किरदार का नाम रोज़ा है. रोजा एक बड़े खानदान की लड़की है. उसके मां-बाप उसे समय नहीं देते हैं. इसलिए परिवार में रोजा अपनी बुआ के बेहद करीब है. बाहरी दुनिया से बेखबर उसकी एक अलग ज़िन्दगी है. लेकिन जब वह अपने दायरे से बाहर निकलती है. तो उसकी दुनिया बदलने लगती है.

इस सीरियल को चुनने की खास वजह पूछने पर उन्होंने कहा, इसकी कहानी लीना गंगोपाध्याय ने लिखी है. जो मेरे लिए काफी है. 

चूंकि यह सीरियल एक रोमांटिक- फैमिली ड्रामा जॉनर की है, तो आपके हिसाब से प्यार की परिभाषा क्या है, मेरी मां ही मेरे प्यार की परिभाषा है. हालांकि प्यार कई प्रकार के होते हैं, दोस्ती, रिलेशनशिप इत्यादि. इसलिए मेरे ख्याल से सभी एक दूसरे से अलग हैं.

वहीं सीरियल के नायक अर्णब चौधरी ने कहा, इस सीरियल में मेरे किरदार का नाम समुज्ज्वल है, घरवाले उसे प्यार से रुपई के नाम से बुलाते हैं. रोजा उसका प्यार है. लेकिन वह बड़े घर की लड़की होने की वजह से रुपई की ज़िंदगी में दरारे पड़ जाती है.

सीरियल को चुनने की वजह पूछने पर अर्णब ने कहा, इसकी कहानी टिपिकल सास-बहु वाली नहीं है. कहानी काफी हटकर है.

आपको बता दें, अर्णब पिछले 10 वर्षों से सीरियल जगत से जुड़े हुए हैं. बकुल कथा, अग्निपरीक्षा, तुमि आस्बे बोले और गुरुदक्षिणा उनके खास प्रोजेक्ट्स में से हैं.

दूसरी तरफ सीरियल की एक और अभिनेत्री राजश्री भौमिक ने कहा, सीरियल में मैं हीरो की माँ का किरदार निभा रही हूं. मेरे किरदार का नाम आशाबरी है. उसके संसार में अभाव, कष्ट है,  लेकिन आशाबरी सब कुछ अपने प्यार भावना से सम्भाल लेने की औकात रखती है.

आपको बता दें, राजश्री फिलहाल धूलोकना, सुंदरी और कड़ीखेला जैसे सीरियल्स में अभिनय कर रही हैं.

मौके पर अभिनेत्री मालविका सेन ने कहा, इस सीरियल में मैं नायिका की मां की भूमिका निभा रही हूं. मेरे किरादर का नाम सुदेषणा बोस हैं. मेरे पति एक इंडस्ट्रियलिस्ट हैं और मैं एक क्लासिकल डांसर हूं. इस वजह से हम अपनी लड़की रोजा को समय नहीं दे पाते हैं. जिसकी कमी रोजा को खलती है.

आपको बता दें, मालविका फिलहाल सुंदरी और खरकुटो जैसे सीरियल्स में अभिनय कर रही हैं.

इस सीरियल में मैं हीरो की भाभी के किरदार में हूं. मेरे किरदार का नाम कजरी है, जी हां, सीरियल से जुड़े एक और अभिनेत्री पौलमी दास से जब उनके किरदार के बारे में पूछा गया तो उसके जवाब में उन्होंने उपरोक्त बातें कहीं.

उन्होंने आगे कहा, मैं और मेरा देवर बिलकुल दोस्त की तरह हैं. हर तरह की प्रॉब्लम्स दोनों आपस में शेयर करते हैं और सुलझाते भी हैं. मेरे ख्याल से दर्शक इस किरदार को बेहद पसंद करेंगे.

आपको बता दें, मीटर डाउन और महिषासुर मर्दिनी, पौलमी की आनेवाली फिल्मों में खास है.

वहीं अभिनेत्री अनिंदिता दास ने कहा, इस सीरियल में मेरे किरदार का नाम उर्मि है. यह काफी सकारात्मक किरदार है.

आपको बता दें, पाता झरा दिन उर्मि की आनेवाली फिल्मों में खास है. फिलहाल वे कन्यादान नामक एक सीरियल में अभिनय कर रही हैं.

इस सीरियल में अभिनेत्री रुना और अभिनेता चंडीदास कुमार को मॉडर्न दादा-दादी का किरदार निभाते हुए देखा जाएगा, जो काफी दिलचस्प साबित हो सकती है.

दूसरी तरफ अभिनेत्री निशान्तिका दास को इस बात की खुशी है कि उनको इस सीरियल में एक बेहद सकारात्मक किरदार निभाने का मौका मिला है. वे हीरो की बहन टिया के किरदार में होंगी. 

आपको बता दें, निशान्तिका फ़िलहाल श्रीमोई, मोहर और सुंदरी जैसे सीरियल्स में अभिनय कर रही  हैं.

रोजा सीरियल में जितने भी कलाकार है, वे एक से बढ़कर एक हैं. उम्मीद की जा सकती है कि रोजा ज़रूर कामयाब होगी.

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