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PENTACLES

रिश्ते टूट जाने पर आजीवन लोगों के सवाल के जवाब देने पड़ते हैं

पुस्तक:पेंटाकल्स
लेखक:साबर्न रॉय
कीमत:100 रुपये
पृष्ठ:84

-साबर्न रॉय लेखक होने के साथ-साथ एक इंजीनियर भी हैं. वे एक इंजीनियरिंग एवं कंस्ट्रक्शन कम्पनी में सीनियर मैनजमेंट की पोजीशन में काम करते हैं. आज की सोशियो इकोनॉमिक कंडीशन्स एवं विचार करने पर मजबूर करती कुछ प्यार के किस्सों की बेचैनी ने ही 'पेंटाकल्स' को जन्म दिया है. इस किताब में एक कहानी 'न्यू लाइफ' एवं 4 कविताएं हैं. किताब को अंग्रेज़ी में लिखी गई है.

न्यू लाइफ की कहानी- ये कहानी किंगशुक नामक एक लड़के की है. जब किंगशुक 13 वर्ष का था तब उसकी मां जो कि एक पेंटर हैं, शीर्षेन्दू नामक एक व्यक्ति के लिए अपने परिवार को छोड़कर चली जाती हैं. आगे चलकर वे शीर्षेन्दु के साथ पॉन्डिचेरी में रहने लगती हैं. जिसके चलते किंगशुक कभी भी अपनी मां से न मिलने की ठान लेता है. और इसी ज़िद को अपने अंदर समाये किंगशुक एक दिन बहुत बड़ा एंटरप्रेन्योर बन जाता है. एक रोज उसकी कंपनी में राणु नामक एक महिला स्टाफ को लेकर एक समस्या उतपन्न होती है, और केस की अगुवाई रोहिणी चंद्रा नामक एक लॉयर करतीं हैं. एक दो मुलाकातों में ही किंगशुक रोहिणी के करीब आ जाते हैं. इधर रोहिणी भी शादी शुदा है और अपने पति से नाखुश हैं. इस बीच किंगशुक के पिता का देहांत हो जाता है. कुछ समय बाद किंगशुक की मुलाकात सिमन्ती के साथ होती है, जो शीर्षेन्दू जी की बेटी हैं. वह भी अपने पिता की मौत की खबर लेकर उसके पास आती हैं. सिमन्ती किंगशुक से उसकी मां के बारे में पूछती हैं और उसे बताती हैं कि उसकी मां अब पॉन्डिचेरी में रहती हैं और वह अकेली हैं. आ

आखिरकार किंगशुक को यह महसूस होता है कि उसको अपनी लाइफ को किस दिशा में लेकर जाना चाहिए. अंत मे वह अपनी माँ से मिलने के लिए तैयार हो जाता है. वह अपनी मां को अहसास दिलाता है कि वह अपनी लाइफ को फिर से शुरु करना चाहता है.

कहानी कैसी लगी-पूरी कहानी में एक दर्द छुपी है. इस दर्द के सहारे किसी व्यक्ति के सम्पन्न होने की कहानी भी बताती है न्यू लाइफ . लेकिन सब कुछ हासिल करने के बाद भी एक इंसान अकेला हो जाता है इसका भी ज़िक्र किया गया है.ज़्यादातर उपलब्धियों को पेश किया गया है. कुछ ऑफिस पॉलिटिक्स का भी हिस्सा रखा गया है जो समसामयिक है. वही कार्पोरेट इमेज को भी उकेरा गया है. लेखक ने ज़िन्दगी की बारीकियों को समझकर हर एक पात्र को जन्म दिया है.

महानगर की सड़को एवं गलियों का भी ज़िक्र इस कहानी में है, जो इस बात की पुष्टी करता है कि लेखक को महानगर से बेइंतहा प्यार है. इस कहानी की सबसे खास बात यह लगी कि इसमें यह बताया गया है कि रिश्ते टूट जाने पर आजीवन लोगों के सवाल के जवाब देने पड़ते हैं. इसलिए शायद संबंधों को बचाने के लिए कुछ बातें अपने में सीमित रखना ज़रूरी हो जाता है. साबर्न की लेखनी में मज़बूत पकड़ है.

दूसरी तरफ किताब में साबर्न द्वारा लिखी गई 4 कविताएं इसमें और चार चांद लगाती हैं. 

फ्रॉग बुक्स से प्रकाशित और शर्मिला रामनानी द्वारा संपादित 'पेंटाकल्स' अपने आप में नायाब है.

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