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बढ़ती उम्र के लिए वरदान हैं ये 5 पोषक तत्व

-शीला कृष्णास्वामी, न्यूट्रीशन एवं वेलनेस कंसल्टेन्ट

Kolkata , November 2020 : बढ़ती उम्र के साथ पर्याप्त पोषण लेना चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ जरूरी कैलोरीज की संख्या भी कम होने लगती है। इसलिये, यह महत्वपूर्ण है कि हमारे द्वारा ली जाने वाली हर कैलोरी पर्याप्त रूप से प्रमुख पोषक-तत्वों से लैस हो, ताकि हम स्वस्थ बने रहें।

आपमें से अधिकांश लोग जानते होंगे कि हमारे शरीर को रोजाना सात प्रमुख पोषक-तत्वों की जरूरत होती है। ये हैं प्रोटीन, विटामिन, वसा (फैट्स), कार्बोहाइड्रेट, खनिज (मिनरल), फाइबर और पानी। उम्र बढ़ने के साथ इन प्रमुख पोषक-तत्वों में से कुछ की आपूर्ति कम हो सकती है। नीचे 5 उन पोषक-तत्वों और फूड्स के बारे में बताया गया है जो पोषण की सही मात्रा पाने में आपके शरीर की मदद कर सकते हैं, खासकर तब जब आपकी उम्र बढ़ रही होः

प्रोटीन
शरीर का लगभग 15 प्रतिशत भाग प्रोटीन से बना होता है, जो उम्र बढ़ने के साथ कम हो सकता है। बुजुर्गों के आहार में डायटरी प्रोटीन के महत्व को कम आंकना गलती होगी। अपर्याप्त प्रोटीन लेने से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, त्वचा का ढीलापन बढ़ता है और इम्युनिटी में कमी आती है। इन कारणों से घावों के ठीक होने में देरी होती है और लंबे समय तक बीमारी बनी रहती है।1 अपने दैनिक आहार में प्रोटीन की मात्रा के लिये प्रोटीन से भरपूर चीजें, जैसे बादाम, मीट, मछली, अंडे, दालें, आदि को शामिल करें। अपनी डाइट में रोजाना एक मुट्ठी बादाम जरूर शामिल करें, क्योंकि उनमें प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है, जो न केवल एनर्जी देता है, बल्कि मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और उनके रख-रखाव में योगदान के लिये भी जाना जाता है।2 रोजाना बादाम खाने का एक अन्य लाभ यह है कि इससे झुर्रियाँ कम करने में मदद मिल सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, डेविस की एक हालिया पायलट स्टडी के अनुसार, अन्य नट-फ्री स्नैक्स की जगह पर रोजना बादाम को स्नैक के तौर पर लेने से रजोनिवृत्त महिलाओं की झुर्रियों की चौड़ाई और गंभीरता कम हुई।3

विटामिन
एक अध्ययन के अनुसार, आयु बढ़ने को विटामिन के कम होने के जोखिम से जोड़ा जाता है। बुजुर्ग लोग कम भोजन करते हैं, जिससे विटामिन ‘बी’ और विटामिन ‘ई’ का सेवन कम हो जाता है।4 डाइट में पोषक-तत्वों का घनत्व कम होने से आहार-सम्बंधी रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।4 शरीर सही काम करे, इसके लिये 13 मूलभूत विटामिन जरूरी होते हैं। वे अच्छी दृष्टि, स्वस्थ त्वचा, स्वस्थ नसों, एनर्जी मेटाबोलिज्म, आदि के लिये जरूरी होते हैं। हेल्दीे नर्व फंक्शन बनाये रखने तथा डीएनए और लाल रक्त कणिकाएं बनाने के लिये भी विटामिन बी12 जरूरी है। बुजुर्गों के लिये पर्याप्त बी12 चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वे उसे युवाओं की तरह भोजन से प्राप्त नहीं कर सकते। इसलिये बी12 से प्रचुर खाना मदद कर सकता है, जैसे अंडे, दूध, दूध के उत्पाद और मछली। 

फाइबर
खासतौर से बुजुर्गों द्वारा फाइबर का सेवन किया जाना महत्वपूर्ण है। फाइबर से भरपूर डाइट लेने से पाचन अच्छा रखने में मदद मिल सकती है। फाइबर का सेवन साबूत भोजन से बढ़ाया जा सकता है, जैसे बादाम, साबूत अनाज, फल और सब्जियाँ। इन चीजों को खाने से न केवल फाइबर का सेवन बढ़ता है, बल्कि उन रोगों की रोकथाम भी हो सकती है, जो आयु बढ़ने के साथ आते हैं, जैसे डायबीटीज और हाई लिपिड्स।

पानी
यह कोई जरूरी विटामिन या खनिज नहीं है, लेकिन संपूर्ण स्वा स्य्ाई  के लिये महत्वपूर्ण है। 20 साल से लेकर 80 साल की आयु के बीच शरीर का पानी लगभग 15 प्रतिशत (लगभग 6 लीटर) कम हो जाता है।6 ऐसा होने से शरीर में पानी की थोड़ी कमी से भी डिहाइड्रेशन हो सकता है।7 जब हम बूढ़े हो जाते हैं, प्यास कम लगती है और कुछ दवाएं लेने से डिहाइड्रेटेड होने का जोखिम बढ़ जाता है। पानी कई तरीकों से मदद करता हैः भोजन पचाता है, भोजन से पोषक-तत्व ग्रहण करता है और अपशिष्ट से मुक्ति देता है। हर दिन 5 से 7 बड़े गिलास पानी पीना चाहिये। अन्य तरल, जैसे छाछ, ताजा नींबू रस, नारियल पानी या नमी से प्रचुर चीजें, जैसे खीरा, तुरई, टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, तरबूज, संतरे, आदि को भी लिया जा सकता है। 

वसा (फैट्स)
वसा को स्वास्थ्य की समस्याओं से जोड़ा जाता है, लेकिन इष्टतम स्वास्थ्य के लिये आपके शरीर को थोड़ी वसा चाहिये। मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा स्वास्थ्यकर होती हैं, क्योंकि वे एलडीएल कोलेस्ट्रॉनल को कम करने में मदद करती हैं, जो आर्टरीज में जम जाता है। वरिष्ठ लोगों को बादाम, फिश, ऑलिव, सनफ्लॉवर के बीज खाने चाहिये, क्योंकि इन सभी में मोनोअनसैचुरेटेड वसा होती है। खासतौर से बादाम एक बेहतरीन विकल्प हैं- क्योंकि वे आपके आहार में स्वास्थ्यकर वसा को जोड़ते हैं और वजन के नियंत्रण में भी मदद कर सकते हैं। द यूरोपीयन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, यह पाया गया कि उसमें भाग लेने वाले जिन लोगों ने हर दिन 43 ग्राम सूखी, रोस्टेड, हल्की नमकीन बादाम खाई, उन्हें भूख कम लगी, उनका डायटरी विटामिन ‘ई’ बढ़ा और मोनोअनसैचुरेटेड (‘‘अच्छी’’) वसा में भी बढ़ोतरी हुई, वह भी शरीर का वजन बढ़े बगैर।

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