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शायद आज भी वो हर शाम 5 बजे के बाद बेगुनकोडोर स्टेशन पर आती होगी

-पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की एक गांव बेगुनकोडोर में 1962 में बेगुनकोडोर नामक एक स्टेशन की स्थापना हुई थी. ये अयोध्या पहाड़ी के ठीक निकट है. इसकी स्थापना के ठीक 5 साल बाद यानी 1967 में एक अफवाह उड़ी की स्टेशन पर अजीबोगरीब घटनायें होती रहतीं हैं. हर शाम 5 बजे के बाद एज लड़की ट्रैन आते देख भागती है. यहां तक कि उसकी गति इतनी तेज हो जाती है कि वह दौड़ते हुये ट्रेन के आगे भी निकल जातीं हैं और ट्रैक पर नाचने लगती हैं. यहां तक कि स्टेशन के पास एक पेड़ है जिसपर अक्सर उसे बैठे हुए देखा जाता है. उस वक़्त मोहन नामक एक शख्स स्टेशन मास्टर थे. उन्होंने कई बार इस चीज़ को होते देखा. एक दिन अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और वे घर चले जाते हैं. लेकिन आगे चलकर उनकी मौत हो जाती है. मोहन के बाद जीतने भी  अधिकारी आये वे सभी एक-एक कर के वहां से नौ दो ग्यारह हो गए. अंत मे उस स्टेशन को भूतिया स्टेशन करार दिया गया.

रेलवे ने अंत मे ये निर्णय लिया कि यदि कोई भी इस स्टेशन का इस्तेमाल नहीं करता है तो यहां गाड़ी रुकनी नहीं चाहिए. इस घटना के 40 साल बाद इस जगह को टटोलने के लिए एक जांच टीम यहां आयी और उन्होंने उस लड़की के बारे में तफ़्तीश की तो पता चला कि किसी लड़की की उसी स्टेशन के आगे ट्रेन की पटरी के नीचे आकर जान चली गई थी. फिर आगे चलकर वे सभी उसी स्टेशन पर रात को जांच के लिए ठहर गए यही देखने के लिए कि माजरा क्या है. लेकिन उन लोगों को कोई भी सुराग नहीं मिला. उस वक़्त के डिप्टी सीएम श्री सुधीर महातो एवं लोकल एमएलए श्री नेपाल महातो ने इस पर हस्तक्षेप किया. इधर गांववालों ने भी स्टेशन चालू करने की अपील की. फिर जाकर पूरे कागज़ात उस वक़्त की रेल मंत्री श्रीमती ममता बनर्जी को जमा किये गए. उन्होंने जांच-पड़ताल के बाद सितंबर 2009 में फिर से स्टेशन चालू करवा दिया.

इन सब के बावजूद आज भी वहां के लोग शाम 5 बजे के पहले ही ट्रेन पकड़ते हैं. 5 बजे के बाद वहां कोई भी नहीं जाता. यहां तक कि स्टेशन से जुड़े सभी सरकारी अधिकारी 5 बजते ही वहां से निकल लेतें हैं. शायद वे सभी यही मानते हैं कि 5 बजे के बाद आज भी कहीं वो लड़की वहां आती होगी.

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