No icon

पश्चिम बंगाल में कोविड१९ के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए सिनी ने वीडियो लॉन्च की

कोलकाता स्तिथ एनजीओ सिनी द्वारा बंगाल में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा और लॉकडाउन का प्रभाव सहित मातृ एवं बाल स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की जमीनी हकीकत समझने के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण भी शुरू किया गया

कोलकाता : कोलकाता स्तिथ एनजीओ सिनी ने व्हाइट रिबन एलायंस वेस्ट बंगाल के राज्य सचिवालय के रूप में गर्भावस्था के दौरान कोविड१९ से लड़ने और महिलाओं के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए एक वीडियो श्रृंखला लॉन्च की है। सिनी ने पश्चिम बंगाल राज्य में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा और लॉकडाउन का प्रभाव सहित मातृ एवं बाल स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की जमीनी हकीकत को समझने के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण भी शुरू किया है। व्हाइट रिबन एलायंस पश्चिम बंगाल सचिवालय सिनी (चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट) एनजीओ द्वारा इस महामारी से लड़ने के लिए स्वच्छता, सुरक्षा, प्री-पोस्ट प्रेग्नेंसी हेल्थकेयर के महत्व और सामाजिक भेद के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक वीडियो श्रृंखला बनाया गया है।

व्हाइट रिबन एलायंस (डब्ल्यूआरए) दुनिया की सबसे बड़ी वैयक्तिक संगोष्ठी व्यक्तियों और संगठनों की है जो स्वेच्छा से और स्वतंत्र रूप से बच्चे की डिलीवरी और अन्य सामाजिक कारणों के महत्वपूर्ण चरण के दौरान माताओं के जीवन को बचाने के लिए कार्य करते हैं। डब्ल्यूआरए पश्चिम बंगाल ने भारत की ओर से कई बार संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व किया है। सिनी पश्चिम बंगाल में व्हाइट रिबन एलायंस (डब्ल्यूआरए) के सचिवालय के रूप में कार्य  करता है।

सिनी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की जमीनी वास्तविकताओं को समझने के लिए एक ऑनलाइन पहल शुरू किया है जिसमें गृह आधारित हिंसा और लॉकडाउन का प्रभाव भी शामिल है। सिनी ने अपने क्षेत्र स्तर के प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के डेटा का उपयोग करके एक संपर्क रहित (कॉन्टैक्टलेस) सर्वेक्षण को करने के लिए एक एंड्रॉइड आधारित एप्लिकेशन विकसित किया है।

कुल 3000 महिलाएं सर्वेक्षण का हिस्सा होंगी, जिनमें 750 महिलाएं जो हाल ही में लॉक डाउन के दौरान माँ बनी है, 750 गर्भवती महिलाएं और 1500 महिलाएं जिनके 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं। यह सर्वेक्षण पूरे पश्चिम बंगाल में किया जाएगा। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर के स्वास्थ और अन्य मुद्दों के बारे में निर्णय लेने वालों को सूचित करना है ताकि उचित स्वास्थ्य सेवा समय पर प्रदान करने के लिए कदम उठाये जा सके।

संस्था ने बांग्ला और हिंदी में कुछ छोटे वीडियो भी बनाए हैं ताकि कोविड१९ के बारे में जागरूकता फैला सके साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर्स, जमीनी स्तर की एजेंसियों, महिलाओं और समुदायों को स्त्थिति से अवगत कराया जा सके। वीडियो ऑनलाइन और ऑफलाइन उपलब्ध होंगे। युवाओं को शामिल करने के लिए, उन्हें डब्ल्यूआरए कोविड  मीडिया गुरु पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा, जो कोविड१९ से लड़ने के लिए अपने सोशल मीडिया के माध्यम से अधिकतम जागरूकता पैदा करेंगे।

सुजॉय रॉय, स्टेट हेड, डब्ल्यूआरए पश्चिम बंगाल सचिवालय, सिनी ने कहा, “वीडियो हमें महिलाओं में जागरूकता पैदा करने और उनके बीच कोविड१९ के डर को दूर करने में मदद करेगा साथ ही सर्वेक्षण हमें निर्णयकर्ताओं को सूचित कर उचित स्वास्थ्य सेवा समय पर प्रदान करने में मदद करेगा। हम राज्य भर में मां और बच्चे की बेहतरी के लिए काम करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। पहल युवाओं को आगे आने के लिए प्रेरित करेगी। इससे टीम को समस्या की जड़ों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।"

Comment