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DISTRICT 3291

सदस्यता के नए क्षितिज पर पहुँचने के लिए ही होराइज़न्स का आयोजन: डिस्ट्रक्ट गवर्नर

रोटरी का मेंबर बनना बिलकुल आसान : आशीष अग्रवाल

कोलकाता l गत शनिवार को रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3291 की ओर से हल्दीराम बैंक्वेट, बालीगंज में मेम्बरशिप सेमिनार 'होराइजंस' 2019-20 का आयोजन किया गया. उपरोक्त कार्यक्रम के दौरान एक इंटरैक्टिव सेशन के माध्यम से क्लब की सदयस्ता में बढ़ोत्तरी के उपायों के बारे में चर्चा की गई. इसके अलावा मेम्बरशिप मैच गेम का भी आयोजन किया गया था जो काफी दिलचस्प रहा. कार्यक्रम की शुरुआत अपराह्न 3 बजे से हुई. उपरोक्त कार्यक्रम को रोटरी क्लब ऑफ कलकत्ता युवीज़ ने पेश किया.
मौके पर उपस्थित रोटरी क्लब ऑफ कलकत्ता युवीज़ के प्रेजिडेंट श्री आशीष अग्रवाल ने मेम्बरशिप सेमिनार के बारे में बातचीत करते हुए कहा, यह डिस्ट्रिक्ट 3291 का एक मेम्बरशिप सेमिनार है, जिसमें हम चाह रहे हैं कि और भी नए लोग आकर हमसे जुड़े.


ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में उपरोक्त रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3291 के अंतर्गत 148 क्लब है.
उन्होंने कहा, सरकार जहां पहुंचने में नाकामयाब होती है, वहीं हमारे सदस्य काम कर जाते हैं.
आशीष ने आगे कहा, अब तक हमने 10000 टॉयलेट बनवाया है और 15000 से भी ज़्यादा लोगों के आंखों की मुफ्त सर्जरी करवाई है.
सदस्यता के लिए कितनी राशि जमा करनी पड़ती है पूछने पर उन्होंने कहा, मेम्बरशिप फीस 10,000 से लेकर 25,000 रुपये तक रखी गई है और सबसे बड़ी बात तो यह है कि रोटरी का सदस्य बनना सबसे आसान होता है।

वहीं कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3291 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर श्री अजय अग्रवाल ने कहा, रोटरी इंटरनेशनल विश्व का सबसे बड़ा और पुराना संस्थान है. हमारे सदस्य ही हमारे लिए सबसे बड़ी शक्ति हैं. पूरे विश्व में अपने 12 लाख से भी ज़्यादा सदस्य हैं. और हमारे डिस्ट्रिक्ट के अंतर्गत 4000 सदस्य मौजूद हैं. इसे 5000 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है. जितने भी ज़्यादा लोग हमसे जुड़ेंगे उतनी ज़्यादा हमें सेवा करने का मौका मिलेगा और इसी वजह से मेम्बरशिप सेमिनार 'होराइजंस' का आयोजन किया गया है.
उन्होंने आगे होराइजन्स का मतलब बताते हुए कहा, होराइज़न का मतलब है क्षितिज. और सदस्यता के नए क्षितिज पर पहुँचने के लिए ही होराइजन्स का आयोजन किया गया है.
नए सदस्य बानाने के लिए आपको किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, पूछने पर उन्होंने कहा, आजकल लोग काफी व्यस्त रहते हैं, उसमें से समय निकाल कर कुछ करना बहुत बड़ी बात होती है. युवा वर्ग को आकर्षित करने का बीड़ा उठाया जा रहा है.
'रोटरी सिर्फ बुड्ढों का क्लब माना जाता था,अब फॉरमेट बदल रहा है. यहाँ फ़ेलोशिप प्रोग्राम, दीवाली सलेब्रेशन्स, होली मीट इत्यादि होते रहते हैं. अगर लोगों को यह बात पता चल जाये तो उनके विचारों में परिवर्तन आएगा,' जी हां, अजय अग्रवाल से जब पूछा गया कि होराइजन्स के आयोजन से और किन-किन बातों का खुलासा हो पायेगा, के जवाब में उन्होंने उपरोक्त बातें बताई.

इस अवसर पर देबाशीष मित्रा, अंशुमान बंद्योपाध्याय, राकेश भाटिया, शुभोजित रॉय, विजय मोहन, शरद खाटोर, मनोज पंसारी, श्राबनी मित्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे.


होराइज़ंस की रंगारंग झांकी

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