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अपोलो हॉस्पिटल्स बैंगलोर बना 100 रोबोटिक कार्डियक सर्जरीज़ करने वाला देश का पहला अस्पताल

रोबोटिक कॉम्प्लेक्स मिट्रल वाल्व रिपेयर सर्जरी मात्र 70 मिनटों में करके हासिल किया नया मानदंड 

बैंगलोर, 6 सितंबर, 2021: अपोलो हॉस्पिटल्स बैंगलोर ने अपने समर्पित रोबोट-असिस्टेड कार्डियक सर्जरी यूनिट में 100 रोबोटिक्स कार्डियक सर्जरीज़ सफलतापूर्वक पूरी करने की घोषणा की है; देश में हृदय शल्य चिकित्सा के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अस्पताल ने यह भी घोषणा की कि उनकी टीम ने दा विन्ची एक्सआई रोबोटिक प्रणाली की सहायता से, रोबोटिक-असिस्टेड, मिनिमली-इन्वेसिव कार्डियक सर्जरी का उपयोग करके एक जटिल मिट्रल वाल्व सर्जरी 70 मिनट से कम समय में पूरी की है। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जन और रोबोटिक कार्डिएक सर्जरी यूनिट के एचओडी डॉ. सात्यकी नंबाला ने कहा, "हृदय की बीमारियां व्यक्ति को उसके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में प्रभावित करती हैं जिससे कई विनाशकारी सामाजिक और आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ते हैं। रोबोट-असिस्टेड कार्डियक सर्जरी प्रोग्राम को स्थापित करने के लिए भारी मात्रा में निष्ठा और तैयारी की आवश्यकता होती है। हमारे यहां 2019 के आखिर से इस प्रोग्राम की शुरूआत हुई और आज 100 रोबोटिक कार्डियक सर्जरीज़ पूरा करने वाला भारत का पहला अस्पताल बनने पर हमें गर्व है। पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी में छाती को पूरा खोलना पड़ता है लेकिन उसकी तुलना में दा विन्ची एक्सआई अभिनव प्रौद्योगिकी की मदद से हम जटिल कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी भी बहुत ही कम चीरों और सटीक मोशन कंट्रोल के साथ करने में सक्षम हैं।"

"इसके अलावा, हाई-डेफिनिशन कैमरे की सहायता से सर्जन कंसोल स्क्रीन पर छाती का स्पष्ट, 3D दृश्य देख सकता है। इस सिस्टम की मदद से, हम वैश्विक बेंचमार्क की तुलना में सबसे तेज़ 70 मिनट से कम समय में रोबोटिक कॉम्प्लेक्स माइट्रल वाल्व रिपेयर सर्जरी करने में भी सफल रहे। हम निकट भविष्य में इस तरह की सफलता हासिल करने की उम्मीद करते हैं।"

रोबोटिक कार्डियक सर्जरी एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है, इसमें शरीर पर दिए जाने वाले चीरों का आकार बहुत ही छोटा होता है, जिससे मरीज़ अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी को ओपन-हार्ट सर्जरी की तुलना में बहुत तेज़ी से शुरू कर सकता / सकती है। पोर्ट्स यानी 8 मिमी आकार के छेद से सर्जरी करने के लिए सर्जन दा विन्ची एक्सआई सर्जिकल सिस्टम का उपयोग करते हैं। इसमें मैग्नीफाइड 3डी हाई डेफिनिशन विज़न और बहुत ही छोटे रिस्टेड उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है जो सर्जरी के दौरान मानवी हाथों की अपेक्षा काफी ज़्यादा झुकते और घूमते हैं। नतीजतन, सर्जनों को बेहतर दृष्टि, सटीकता और नियंत्रण मिलता है। इस प्रकार की सर्जरी के अन्य लाभों में कम दर्द, सर्जरी के घाव से होने वाला संक्रमण कम, घाव के निशान कम, और बेहतर श्वसन आदि शामिल हैं। मरीज़ कम दिनों में ठीक हो जाता/जाती है, अस्पताल में रहने के दिन कम हो जाते हैं, काफी कम दिनों के भीतर वह अपने सभी काम करना शुरू कर सकता/सकती है और तबियत भी तेज़ी से ठीक होती है। संक्रमण की संभावना को कम होने की वजह से मधुमेह वाले लोगों और वृद्ध रोगियों के लिए यह एक आदर्श प्रक्रिया है।

अपोलो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संगीता रेड्डी ने कहा, "अपने रोगियों के लाभ के लिए भारत में सबसे अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक लाना हमेशा हमारा लक्ष्य रहा है। हम चाहते हैं कि हमारे अस्पताल में उपलब्ध सर्जिकल और चिकित्सा देखभाल का लाभ अधिक से अधिक मरीज़ों को मिलें। दा विन्ची एक्सआई सर्जिकल सिस्टम ने हमें सर्वोत्तम संभव सर्जिकल परिणाम प्रदान करने में सहायता की है। 100 से अधिक सफल रोबोटिक कार्डियक सर्जरीज़ पूरी करना आधुनिकतम और उच्चतम गुणवत्ता देखभाल प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है। अपोलो हॉस्पिटल्स में सुलभ और किफायती विश्व स्तरीय उपचार प्रदान करने के हमारे सभी प्रयासों के केंद्र में मरीज़ हैं, और दा विन्ची एक्सआई रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम को शामिल करके हमने हमारे लक्ष्य की ओर एक कदम आगे बढ़ाया है। हमें विश्वास है कि 100 सर्जरीज़ पूरी करने और 70 मिनट से कम समय में रोबोटिक कॉम्प्लेक्स माइट्रल वाल्व रिपेयर सर्जरी करने के दो माइलस्टोन्स हासिल करने से, हम ऐसे कई और मरीज़ों के जीवन को बदल देंगे जो पारंपरिक कार्डियक सर्जरी नहीं कर पाते।”

इस पर टिप्पणी करते हुए, इंट्यूटिव इंडिया के वीपी और महाप्रबंधक, श्री मनदीप सिंह कुमार ने कहा, "100 सफल रोबोट-असिस्टेड कार्डियक सर्जरी को पूरा करने की अनुकरणीय सफलता का हिस्सा बनकर हमें बहुत खुशी हो रही है। इंट्यूटिव में, हमारा मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से सर्जन की जटिल प्रक्रियाओं को आसानी से करने की क्षमता बढ़नी चाहिए और नैदानिक परिणामों में सुधार करने में मदद मिलनी चाहिए। रोबोट-सहायता प्राप्त सर्जरी और दा विन्ची एक्सआई प्रणाली की सटीकता बढ़ाने, विज़ुअलाइज़ेशन, लचीलेपन में सुधार, और नैदानिक परिणामों में सुधार करने की क्षमता के लिए आज ज़्यादा से ज़्यादा सर्जन इनकी पुष्टि कर रहे हैं। अपोलो (बेंगलुरु) में समर्पित रोबोटिक कार्डियक यूनिट विश्व स्तर के ऐसे कुछ केंद्रों में से एक है जहां उपचार के विकल्प के रूप में रोबोटिक कार्डियक सर्जरी उपलब्ध है। साथ ही डॉ. सात्यकी की न्यूनतम इनवेसिव कार्डियक सर्जरी में विशेषज्ञता इस संगठन और इसकी केयर टीमों द्वारा स्थापित विश्व स्तरीय मानकों को दर्शाती है।  गुणवत्तापूर्ण देखभाल करने के लिए तकनीक की शक्ति का इस्तेमाल करने की अपोलो की प्रतिबद्धता भी इसमें दिखायी देती है।  ज़्यादा से ज़्यादा मरीज़ों के लिए रोबोट-असिस्टेड सर्जरी को सुलभ बनाने की दिशा में अपोलो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के साथ हमारी साझेदारी पर हमें गर्व है।"

हृदय रोगों (सीवीडी) ने भारत में मृत्यु के प्रमुख कारण के रूप में कैंसर को भी पछाड़ दिया है। यह एपिडेमिऑलॉजिकल बदलाव मुख्य रूप से भारत में हृदय रोगों (सीवीडी) और हृदय जोखिम कारकों के प्रसार में वृद्धि के कारण हुआ है। अध्ययनों के अनुसार, 2016 में भारत में सीवीडी के मरीज़ों की संख्या करीबन 54.5 मिलियन थी, भारत में 4 में से 1 मौत सीवीडी के कारण हुई थी, इस बोझ का 80% से अधिक हिस्सा इस्किमिक हृदय रोग और स्ट्रोक के कारण था।

द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, हार्ट फेलियर के निदान के बाद मृत्यु दर भारतीयों में सबसे अधिक है, जो दुनिया भर के कई विकासशील देशों के लोगों की तुलना में अधिक है। अध्ययन के अनुसार, भारत में निदान के एक वर्ष के बाद हार्ट फेलियर के रोगियों में मृत्यु दर सबसे अधिक 23% थी जो दक्षिण पूर्व एशिया (15%), चीन (7%), दक्षिण अमेरिका (9%), और पश्चिम एशिया (3%) में मृत्यु दर से अधिक थी। अध्ययन में यह भी पाया गया कि भारत, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया में हार्ट फेलियर के मरीज़ों की आयु संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों के रोगियों की तुलना में लगभग दस वर्ष कम थी।

अपोलो में रोबोट-असिस्टेड कार्डियक सर्जरी यूनिट जटिल कार्डियक बिमारियों से पीड़ित मरीज़ों को सबसे अच्छी कार्डियक सेवा प्रदान करता है। सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जन और रोबोटिक कार्डिएक सर्जरी यूनिट के एचओडी डॉ. सात्यकी नंबाला रोबोट-असिस्टेड कार्डियक सर्जरी यूनिट के प्रमुख है। यह यूनिट आधुनिकतम चौथी पीढ़ी की बहुगुणी 'दा विन्ची एक्सआई' रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम और समर्पित टीम से लैस है।

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