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अपनी जीत पर आइग्लैम ने मनाई खुशियां

एक भारतवासी होने के नाते आपने अपने देश को क्या दिया: देबजानी मित्रा

कोलकाता, (नि.स.)l Fortune always favours the brave. यानी साहसी व्यक्तियों को हमेशा किस्मत का सहारा मिल जाता है. और आइग्लैम पिछले 7 वर्षों से ऐसे ही लोगों की मिसालें देती हुईं आ रही है. जी हां, हाल ही में  आइग्लैम ने एकबार फिर कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है. दरअसल उन्होंने रुबारू मिसेस इंडिया और रुबारू मिस इंडिया एलीट फैशन शो में अपनी तरफ से कुछ कंटेस्टेंट्स को भेजा था. बीते 29 अगस्त 2021 को दिल्ली के सिटी पार्क रेसॉर्ट में इसका ग्रैंड फिनाले हुआ. इसमें आइग्लैम से भेजी हुई प्रतिभागियों ने जीत हासिल की. अब वे आगे चलकर विदेशों में भारतवर्ष का प्रतिनिधित्व करेंगे.

उपरोक्त फैशन शो में सुष्मिता बासुमाता को रुबारू मिसेस टाइमलेस ब्यूटी, शर्मिष्ठा विश्वास को रुबारू मिसेस इंडिया ब्यूटी विथ ब्रेन, श्रीलता सेवक को मिसेस रुबारू सेकंड रनर अप ऐंड मिसेस रुबारू ब्यूटी विथ परपज़, प्रीत वालिया को रुबारू मिसेस वर्ल्ड नोबल क्वीन ऐंड रुबारू मिसेस बेस्ट रेम्प वॉक, निशा तोषनीवाल को रुबारू मिसेस इंडिया फर्स्ट रनर अप, रुबारू मिसेस टैलेंटेड ऐंड रुबारू मिसेस कांजीनियालिटी, प्रीति जगवानी को रुबारू मिसेस नेशनल यूनिवर्स, रिप्रेजेंटिंग इंडिया इन थाईलैंड ऐंड रुबारू मिसेस फैशन आइकॉन, सोनालिका सिन्हा को रुबारू मिसेस इंडिया एलीट मिस पर्सनैलिटी और सोनालिका पांजा को रुबारू मिस इंडिया एलीट रनर-अप का खिताब मिला.

गत शुक्रवार को महानगर में आइग्लैम के तत्वावधान में एक जश्न का आयोजन किया गया था जहां सभी विजेताओं ने अपनी अपनी जीत की गाथा सुनाई जो वाकई तारीफे काबिल थी.

मौके पर आइग्लैम की सीईओ तथा डायरेक्टर श्रीमती देबजानी मित्रा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, मैंने हमेशा देखा है कि महानगर से लगी हुई छोटे-छोटे शहरों में प्रतिभाओं की भरमार होती है. हमारी संस्था आइग्लैम ऐसी ही प्रतिभावान महिलाओं को ट्रेंड करती है और उन्हें दुनिया के सामने लाती हैं. ताकि वे भारतवर्ष का नाम रोशन कर सकें.

उन्होंने आगे कहा, मेरा मानना है, अगर आप भारतवासी हैं, तो आपको यह सोचना चाहिए कि आपने अपने समाज तथा देश को क्या दिया है. यही सोच मुझे हमेशा कुछ न कुछ करने को मजबूर करती है.

देबजानी ने कहा, अब वक्त आ चुका है, 21 वीं सदी में हम सभी को स्टारडम हासिल करने का प्रयास करना चाहिए.

वहीं मिसेस इंडिया फर्स्ट रनर अप, रुबारू मिसेस टैलेंटेड ऐंड रुबारू मिसेस कांजीनियालिटी का खिताब जीत चुकी गुवाहाटी की निशा तोषनीवाल(42) ने कहा, इस ब्यूटी कॉन्टेस्ट की वजह से मैंने खुद से प्यार करना सीखा है. मैं समझती हूं कि अगर आप ज़िन्दगी में कुछ करने की ठान लें और उसके साथ आपकी नियत अच्छी होती है, तो आप ज़िन्दगी में कुछ भी हासिल कर सकते हैं.

आपको बता दें, निशा आगे चलकर दुबई में भारतवर्ष का प्रतिनिधित्व करेंगी.

दूसरी तरफ मिसेस वर्ल्ड नोबल क्वीन ऐंड रुबारू मिसेस बेस्ट रैम्प वॉक का खिताब जीत चुकीं कोलकाता की प्रीत वालिया (42) ने कहा, जब मैं 14-15 साल की थी, तब से भी ब्यूटी कंटेस्ट में भाग लेने का ख्वाब देखा करती  थी. फिर मेरी शादी हो गई. लेकिन पिछले वर्ष मुझे आइग्लैम के बारे में पता चला और मैं उससे जुड़ गई. फैशन शो में भाग लेने के बाद ही मुझे अपने अंदर की खूबियों का पता चला है. 

आपको बता दें, प्रीत आगे चलकर मलेशिया में भारतवर्ष का प्रतिनिधित्व करेंगी.

मौके पर मिसेस टाइमलेस ब्यूटी का खिताब जीत चुकी कोलकाता की सुष्मिता बासुमाता (45) ने कहा, संसार संभालने के बाद किसी ब्यूटी कॉन्टेस्ट का हिस्सा बनना अपने आप मे एक बहुत बड़ी बात है. इसके लिए मैंने खूब मेहनत की है. एक्सरसाइज किया, एक साल में मैंने अपना ग्यारह किलो वजन कम किया है, रैंप पर कैसे चलते हैं, किस तरह से बोलना पड़ता है इत्यादि चीज़ों को बारीकियों से सीखा है. शायद इसी वजह से मैंने जीत हासिल की है.

आपको बता दें, सुष्मिता का एक 15 साल का बेटा है. वह कॉलेज में पढ़ता है और अपनी मां की इस जीत से काफी खुश है.

"मैं बहुबाज़ार स्थित लिंगलियॉन एच एस स्कूल की टीचर हूं. कभी सोचा नहीं था कि शिक्षिका होते हुए भी मैं रैंप वॉक का हिस्सा बनूँगी,' जी हां, मिसेस ब्यूटी विथ ब्रेन की खिताब जीत चुकी कोलकाता की शर्मिष्ठा विश्वास (46) ने कुछ ऐसा ही कहा.

उन्होंने आगे कहा, सभी कहते थे एक टीचर होने के नाते मुझे किसी भी फैशन शो का हिस्सा नहीं बनना चाहिए. मेरे लिए काफी मुश्किल था क्योंकि ऐसे मामलों में लोग आपके पोशाक पर नज़र डालते हैं. वे आपके अंदर की सोच, विचारधाराओं को नज़रअंदाज़ करते हैं. 

इस अवसर पर रुबारू मिसेस नेशनल यूनिवर्स, रिप्रेजेंटिंग इंडिया इन थाईलैंड ऐंड रुबारू मिसेस फैशन आइकॉन का खिताब जीत चुकी 42 वर्षीय कोलकाता की प्रीति जगवानी कहती हैं, इस फैशन कंटेस्ट की सबसे दिलचस्प बात ये थी कि हमारे ग्रूमर वरुण काटयाल और रीता गंगवानी (मिस वर्ल्ड 2017 का खिताब जीत चुकी मानशी चिल्लर की कोच रह चुकी हैं) थे. वे वाकई कमाल के थे. वैसे मीनाक्षी माथुर से हमें रैंप वॉक की बारीकियों को सीखने का मौका मिला है.

प्रीति से जब ये पूछा गया कि आप में वो क्या खूबियां हैं, जिस वजह से आपने उपरोक्त खिताब जीता, के जवाब में उन्होंने कहा, मुझे लगता है टैलेंट, बिहेवियर, पंक्चुअलिटी, अपने आप को पेश करने की तरकीब इत्यादि काम कर गई.

आपको बता दें, प्रीति पॉलिटिशियन किरण बेदी को अपना आईडल मानती हैं

वहीं मशहूर मॉडल सागर झा ने कहा, 2018 से मैं आइग्लैम से जुड़ा हुआ हूं. आज यहां बतौर जज की भूमिका निभाता हूं. इस बात की मुझे बेहद खुशी है. पिछले एक कांटेस्ट के दौरान मैंने बबिता मांझी नामक एक प्रतिभागी को चुना था. आगे चलकर वे न्यूज़ीलैंड में भारतवर्ष को रिप्रेजेंट करेंगी.

वहीं निर्देशक जीत चक्रवर्ती ने कहा, पिछले ढाई साल से मैं आइग्लैम से जुड़ा हुआ हूं. आनेवाले दिनों में मैं इनके कुछ प्रतिभागियों को लेकर एक फ़िल्म बनाने की सोच रहा हूं.

 

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