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उन्होंने कहा कि आपके बाल सुंदर हैं और मैंने अगले ही दिन उसे कटवा लिया: कविता कौशिक

कोलकाता, (नि.स)l एफआईआर फेम बॉलीवुड टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक का कहना है, पेंडेमिक अभी तक गया नहीं है. मेरे ख्याल से लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए. क्योंकि मैंने देखा है कैसे लोगों ने महामारी के दौरान अपने परिजनों को खोया है.

एक अच्छे काम की खातिर आपने अपने बाल कटवा लिया है, पूछने पर कविता ने कहा, आजकल मैं गोआ में रहती हूं. गोआ से मुम्बई तक के सफर के दौरान एक दिन एक उम्रदराज़ महिला ने मुझे मेरे बालों को सहलाते देखकर बोलीं कि आपके बाल कितने अच्छे हैं. मुझे कैंसर है और केमो की वजह से सारे बाल झड़ गए हैं. सुनते ही मैंने उनसे कहा कि मैं कल ही अपने बाल कटवा लुंगी और विग बनाने के लिए उसे दे दूंगी ताकि आप जैसे लोगों के काम आ सकें. आगे चलकर मैंने ठीक वैसा ही किया. दरअसल मैंने कैंसर की वजह से अपने पिताजी को खोया है. और मैं समझती हूं कि जिसे कैंसर होता है, उसे किस दौर से गुजरनी पड़ती है. उस दौरान काम की वजह से मैं मेरे पिता की मृत्यु का ठीक से शोक भी मना नहीं पाई.

एफआईआर के सेट पर दुबारा जब पहुंची तो वहां एक हवेली बन चुकी थी. उसे देख मुझे एफआईआर के दिन याद आ गए थे. मानो सब कुछ मेरी आँखों के सामने हो रहा हो, जी हां, कविता ने हाल ही में सेट पर हुए उनकी अनुभवों को साझा करते हुए कुछ ऐसा ही कहा.

धारावाहिक एफआईआर की पॉपुलैरिटी खूब रही, इसकी वजह पूछने पर कविता ने कहा, इसमें बहुत सच्चाई थी. एक अच्छा संदेश था. और इससे जुड़े सारे कलाकार दिलवाले थे.

कुटुंब धारावाहिक से लेकर अब तक का सफर कैसा रहा, पूछने पर कविता ने कहा, अपना मकान गाज़ियाबाद स्थित इंदिरापुरम के शिप्रा सनसिटी में था. जब मैं पढ़ाई करती थी तो रोज  3 गाड़ियां बदलकर मुझे दिल्ली नार्थ कैम्पस जाना पड़ता था. तब वहां ईवटीजिंग का मामला बढ़ा हुआ था. मेरी तो हर रोज़ किसी न किसी से लड़ाई हो जाती थी. आगे चलकर जब मुम्बई शिफ्ट हुई तो वहां मुझे मां की तरह प्यार के साथ-साथ काम भी मिला.

कविता ने आगे कहा, बिग बॉस के घर पर रहकर मैंने काफी कुछ सीखा है. हालांकि मेरी माँ बंगाली हैं और मेरे पिता राजस्थानी थे, और वो भी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, इसलिए मैं गर्म दिमाग की हूं. लोग जल्दी मुझे गुस्सा दिला देते हैं. इसी वजह से  नुकसान होता रहा है. लेकिन अब मैंने इन सब बातों को समझ लिया है. मुझे अब कोई फर्क नहीं पड़ता.

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