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एक सच्ची ट्रेन डकैती पर आधारित है फ़िल्म चेज़-नो मर्सी टू क्राइम

कोलकाता l कुछ सालों पहले झारखण्ड के मशहूर डाकू शैलेन्द्र और सत्येंद्र यादव(पिता-पुत्र) ने ९० करोड़ की एक ट्रैन डकैती को अंजाम दिया था. और आगे चलकर बंगाल पुलिस ने बड़ी बहादुरी के साथ उन दोनों को अपने कब्जे में किया था. इसी सच्ची घटना को लेकर निर्माता मीना सेठी मंडल ने पूरी एक हिंदी फिल्म 'चेज़-नो मर्सी टू क्राइम' बना डाली. क्योंकि उन्हें लगता है कि आजकल के दर्शक मॉडर्न ऐज ड्रामा देखना ज़्यादा पसंद करते हैं. फ़िल्म 2 अगस्त 2019 से सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है. इस फ़िल्म में मुश्ताक़ खान,गुलशन पांडे,अमित सेठी, दीपांजन बसाक,सुदीप मुखर्जी,गार्गी पटेल और गरिमा अग्रवाल हैं. शुभेंदु राज घोष ने इस फ़िल्म को डायरेक्ट किया है. इस एक्शन ड्रामा फ़िल्म में 3 गाने हैं जिसे कुमार शानू,तृषा और बुद्धा ने गाया है. बॉब एसएन,रोहन डी पाठक और पिनाकी बोस ने इस फ़िल्म में म्यूजिक दिया है. एमएस फिल्म्स एंड प्रोडक्शंस के बैनर तले इस फ़िल्म का निर्माण किया गया है. कोलकाता, झारखंड,नेपाल और बैंकॉक के बेहतरीन लोकेशन्स में इस फिल्म को शूट किया गया है.

गत शुक्रवार को महानगर स्थित प्रिया सिनेमा में इस फ़िल्म का प्रीमियर हुआ.

फिल्म कैसी लगी-इस फिल्म के ज़रिये डेब्यू कर रहे अभिनेता दीपांजन बसाक और अमित सेठी का अभिनय देखने लायक था. वहीं अभिनेता सुदीप मुख़र्जी ने उन दोनों का भरपूर साथ दिया. पुलिस अफसर की भमिका में वे शानदार लगे. पूरी फिल्म के दौरान ट्रैन डकैती को नहीं दिखाया गया बल्कि सिर्फ उसका उल्लेख मात्र है. अगर उस दृश्य को भी फिल्म से जोड़ दिया जाता तो और भी बढ़िया होता. फिल्म की कहानी दमदार है लेकिन ऐसे प्रतीत होता है कि फिल्म को काफी जल्दबाज़ी में शूट किया गया है. फिल्म एक बार देखी जा सकती है.

किरदारों ने क्या कहा- प्रीमियर के दौरान उपस्थित फिल्म के निर्देशक शुभेंदु राज घोष से जब पूछा गया कि अचानक हिंदी फिल्म बनाने का ख्याल आपके दिमाग में कैसे आया, के जवाब में, उन्होंने कहा, मैंने पहले इस कहानी को लेकर बांग्ला में एक वेब सीरीज बनाने की सोची थी लेकिन मीणा जी ने मुझ से कहा कि इसे वेब सीरीज न बनाकर एक फीचर फिल्म बनाया जाय. वही मौके पर उपस्थित फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर पिनाकी बोस ने फिल्म के म्यूजिक के बारे में बातचीत करते हुए कहा, मुझे निर्देशक ने ९० के दशक के गानों की तरह एक रोमांटिक सांग तैयार करने के लिए कहा था. मैंने वैसी ही एक धुन तैयार की, जिसे मशहूर सिंगर कुमार शानू ने पसंद किया. और उन्होंने इस गाने के लिए अपनी आवाज़ दी. इसके लिरिक्स सुधाकर शर्मा ने लिखे हैं.

इस अवसर का लुत्फ़ उठा रहे फिल्म के एक और अभिनेता दीपांजन से जब इस फिल्म से जुड़ी उनके यादगार लम्हों के बारे में पूछा गया, तो उसके जवाब में उन्होंने कहा, नेपाल में शूट के दौरान मैं और अमित खो गए थे और एक सेल्फी पिक्चर को फॉलो करते हुए होटल पहुंचे थे. दूसरा इस फिल्म में काम कर रहे बड़े-बड़े अभिनेताओं के बीच रहकर मैंने ग्राउंडेड रहने का तरीका भी सीख लिया है.
वही इस फिल्म में एक एजेंट की भूमिका में दिखाई दिए अभिनेता गुलशन पांडेय ने कहा, मेरे लिए इस फिल्म की पूरी टीम काफी यादगार साबित हुई है.
दूसरी तरफ मौके पर अभिनेता मुश्ताक़ खान इस फिल्म में अपने अभिनय को लेकर काफई उत्साहित दिखें, फ़िल्म में उनके अभिनय के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, जब पहली बार इस टीम के साथ अभिनय करने की खातिर मैं महानगर आया, तो पता चला कि निर्देशक काफी हद तक ऑर्गनाइज़्ड हैं. वहीं फिल्म के निर्माता ने भी मेरा भरपूर ख्याल रखा. उन्होंने आगे कहा,फिल्म में मैंने एक पॉलिटिशियन का किरदार निभाया है और उस किरदार के कुछ डायलॉग्स बांग्ला में थे, जिसे बोलने में मुझे काफी अच्छा लगा.

वही अभिनेत्री गार्गी पटेल ने फिल्म के बारे में कहा कि फिल्म काफी एंगेजिंग है.

'इस फिल्म में मैंने सत्तू नामक एक विलैन का किरदार निभाया है,वहीं इस फिल्म के ज़रिये हमने बंगाल पुलिस के कार्यों को सराहा है, जो मेरे लिए काफी बड़ी बात है' जी हाँ, प्रीमियर के मौके पर पहुंचे अभिनेता अमित सेठी ने फिल्म में अपने किरदार के बारे में बातचीत करते हुए कुछ ऐसा ही कहा.
 

अवसर पर फिल्म के निर्माता मीणा सेठी मंडल से जब पूछा गया कि रीयलिस्टिक फिल्म बनाने का आईडिया कहा से आया, के जवाब में उन्होंने कहा, मैं हमेशा से रीयलिस्टिक रही हूँ. बचपन से ही मैं अभिनय करते हुए आ रही हूँ. फिलहाल एक बोर्डिंग स्कूल भी चला रही हूँ. जहाँ पढ़ाई के अलावा एक्टिंग कोर्सेज भी करवाया जाता है. और यही वो वजह है कि मैंने एक वास्तविक कहानी को चुना है ताकि दर्शकों तक मैं इस सच्चाई को पहुंचा सकूं.

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