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लॉकडाउन के दौरान मिठाई की दुकान खुली रखने की छूट देना आवश्यक था: लहना घोष

कोलकाता,(नि.स.)l कोरोना महामारी की वजह से हाल ही में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 15 दिनों के लिए लॉकडाउन जारी करने की घोषणी की है. यह 16 मई 2021 से शुरु होकर 30 मई 2021 तक चलेगा.

इस लॉकडाउन के दौरान मिठाई की दुकानें सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक खुली रखने की छूट दी गई है. इस पर बोलते हुये महानगर के प्रसिद्ध मिठाई ब्रांड युगल्स की फाइनेंस ऐंड ऑपरेशन्स मैनेजर लहना घोष ने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उचित निर्णय लिया है. क्योंकि हम सभी जानते हैं, पिछले 22 वर्षों से भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश है. हर वर्ष यह 200 मिलियन टन दूध उत्पादन करता है. जिसमें से प्रति वर्ष 6 मिलियन टन उत्पादन पश्चिम बंगाल से होता है. इसमें से अमूमन 65 प्रतिशत दूध मिठाई निर्माता कंज़्यूम कर लेते हैं, यानी 4 मिलियन टन दूध प्रति वर्ष उनके खाते में दर्ज होती है.

उन्होंने आगे कहा, पूरे भारतवर्ष में दूध उत्पादन का 20 प्रतिशत ऑर्गनाइज़्ड सेक्टर जैसे अमूल, मदर डायरी इत्यादि कम्पनियों से आता है. वहीं अन-ऑर्गनाइज़्ड सेक्टर से 80 प्रतिशत का योगदान रहता है. इस उद्योग से काफी लोग जुड़े हुए  हैं. अगर दूध की खपत बंध हो जाती है, तो काफी लोगों की रोजी-रोटी पूरी तरह से बंध हो जाएगी. इसलिए मिठाई अत्यंत आवश्यक वस्तु न होते हुए भी महत्वपूर्ण साबित होती है. ये सभी जानते हैं कि डायरी और दूध व्यवसाय से काफी लोगों का नाता है.

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