No icon

देश को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए: लक्ष्मण जायसवाल

कोलकाता,(नि.स.)l एसकॉन इंफ़्रा इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर श्री लक्ष्मण जायसवाल ने कहा कि
भारत में बड़े कॉरपोरेट द्वारा उधार लिए गए पैसे की वापसी सुनिश्चित करने के लिए कानून के सख्त कार्यान्वयन की ज़रुरत है. केंद्र सरकार को इसपर अमल करनी होगी.

उन्होंने कहा, "सेंट्रल बैंक, आरबीआई को उच्च मूल्य वाले कॉर्पोरेट धोखाधड़ी को रोकने के लिए और अधिक सख्त निगरानी करनी चाहिए. पिछले चार वर्षों में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों, छोटे वित्त बैंकों, स्थानीय बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को मिलाकर 77,521 करोड़ रुपये का लोन हुआ है और धोखाधड़ी भी हुई है.

जायसवाल ने आगे कहा, अक्सर देखा गया है कि लोन डिफॉल्टर्स रिपेमेंट अमाउंट को 30 से  40 प्रतिशत घटाने का आग्रह करते हैं, उसके साथ इंस्टालमेंट की सुविधा की भी मांग करते हैं. इसलिए बैंक और सरकार को कंपनी के मालिकों के व्यक्तिगत निवल मूल्य पर ध्यान देना चाहिए, वह हमेशा बकाया राशि से अधिक हो और इसे चुकौती राशि का हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भारत से लौह अयस्क के निर्यात को नियंत्रित करना चाहिए. यह देश की रीढ़ है और बड़े पैमाने पर निर्यात होने से भारतीय बाजार में इसकी कमी देखी जाती है. इस वजह से कीमतों में लगभग 60% की वृद्धि पाई जाती है.

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाने के लिए एकतरफा कार्रवाई करनी चाहिए, राज्य सरकारों की आपत्तियों के बावजूद ऐसा करना आवश्यक है. पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित कर रही है और केंद्र को अब कार्रवाई करनी होगी, नहीं तो 2024 की चुनावी लड़ाई में भारी कीमत चुकानी होगी.

लक्ष्मण जायसवाल ने मंशा जताई है कि अगर केंद्र सरकार उपरोक्त विषय पर ध्यान देती है तो देश के हालात बदल सकते हैं. 

 

Comment