No icon

एआई आर्ट को लेकर हर्षित अग्रवाल का सोलो एग्जीबिशन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही अब न्यू नार्मल है: रितुपर्णा सेनगुप्ता

कोलकाता, (नि.स.)l कृत्रिम बुद्धि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है, जो मशीनों और सॉफ्टवेयर को बुद्धि के साथ विकसित करता है। कृत्रिम बुद्धि (एआई) का दायरा विवादित है: क्यूंकि मशीनें तेजी से सक्षम हो रहे हैं, जिन कार्यों के लिए पहले मानते थे कि होशियारी चाहिए, अब वह कार्य "कृत्रिम होशियारी" के दायरे में नहीं आते। उदाहरण के लिए, लिखे हुए शब्दों को पहचानने में अब मशीन इतने सक्षम हो चुके हैं कि इसे अब होशियारी नहीं मानी जाती है. आज कल, एआई के दायरे में आने वाले कार्य हैं, इंसानी वाणी को समझना, शतरंज के खेल में माहिर इंसानों से भी जितना, बिना इंसानी सहारे के गाड़ी खुद चलाना।

अब इसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आर्ट में इस्तेमाल किया है आर्टिस्ट हर्षित अग्रवाल (29) ने. हर्षित पिछले 6 वर्षों से आर्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम कर रहे हैं. उनकी 6 वर्षों की कड़ी मेहनत ने आज 9 अलग तरीके के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्ट को अंजाम दिया है. इसी एआई आर्ट फॉर्म को महानगर स्थित इमामी आर्ट में शोकेस किया जा रहा है. जिसे एक्सो स्टेनशिएल-एआई म्युसिंग्स ऑन द पोस्ट ह्यूमन का नाम दिया गया है.

आपको बता दें, हर्षित गुवाहाटी से आईआईटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमआईटी लंदन से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है.

गत शनिवार यानी 11 सितंबर 2021 को उपरोक्त एग्जीबिशन का उद्घाटन टॉलीवुड अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता के हाथों हुआ. यह एग्जीबिशन 30 सितंबर 2021 तक चलेगा.

मौके पर हर्षित ने कहा, हमारी ज़िंदगी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई तरीके से इंफ्लुएंस कर रहा है. इसलिए मैंने सोचा कि इसको सिर्फ प्रोडक्टिविटी और एफिशिएंसी की तरह न देख कर   इसके साथ एक रियल रिलेशनशिप भी देखा जाय...और मेरी इसी सोच ने आज इस शो को अंजाम दिया है.

उन्होंने आगे कहा, मैं खुद का सॉफ्टवेयर लिखता हूँ, और उसी सॉफ्टवेर के ज़रिए यह आर्ट जनरेट होती है. हर एक काम के पीछे 3-4 महीने का समय लग जाता है.

वहीं मौके पर ऋचा अग्रवाल, सीईओ, इमामी आर्ट ने कहा, महानगर में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक शो का आयोजन हुआ है. ऐसे मौके बार बार नहीं आते हैं. उम्मीद है कि इसे लोग काफी पसंद करेंगे.

उन्होंने आगे कहा, ईमामी आर्ट इतवार और सोमवार को छोड़कर हर रोज सुबह 11 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहता है.

दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शो की क्यूरेटर मयना मुखर्जी ने कहा, हमें आज भी याद है 11 सितंबर का वो दिन, जिस दिन न्यूयॉर्क के ट्विन टावर में हमला हुआ था. सर्वेलांस के लिए ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होता है. इसलिए हमने शो का उद्घाटन आज ही किया है. दिमाग में ख्याल ये आया था कि हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को किस तरह से, किस लिए और कहां प्रयोग किया है.

उन्होंने आगे कहा, हमारा मकसद है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हम कैसे समझे. दिन ब दिन वह हमारे मष्तिष्क पर हावी हो रहा है, और यह एग्जीबिशन आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) के साथ एंगेज करेगी. 

उद्घाटन के मौके पर शरीक हुई अभिनेत्री रितुपर्णा ने कहा, मेरे ख्याल से अभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही न्यू नार्मल है. ये भी इंसान के दिमाग की ही उपज है. हालांकि इसमें कम्प्यूटर, मशीन्स का भी बड़ा योगदान है. और जब इसे एक आर्टिस्ट इस्तेमाल कर रहा है, सो इससे अच्छी चीज और क्या हो सकती है. टेक्नोलॉजी जिस गति से चल रही ही है उसमें अगर आर्ट भी शामिल हो जाये तो एक आर्टिस्ट को इससे फायदा पहुंचेगा.

इस अवसर पर निर्देशक रंजन के घोष, कार्तिक कल्याणारमन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे.

Comment